
दो दिन पहले हुई शांति वार्ता ने जैसे दोनों देशों का धैर्य ही खत्म कर दिया। नतीजा—कंधार स्टेट के स्पिन बोलदक इलाके में अफगान और पाक सेनाओं की फुल-ऑटो मोड में भिड़ंत।
सीमा के दोनों ओर से ग्रेनेड, रॉकेट और मोर्टार ऐसे उड़े जैसे दिवाली की आखिरी रात हो।
लोगों में इतनी दहशत कि रातों-रात “पैकअप एंड मूव” का ऑपरेशन शुरू — घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर भागे।
कौन पहले फूटा? दोनों देशों की अपनी-अपनी कहानी
अफगान बॉर्डर पुलिस के प्रवक्ता अबेदुल्लाह फारूकी बोले — “पाकिस्तान ने पहले फायरिंग शुरू की। हमने सिर्फ जवाब दिया।”
पाकिस्तान बोला — “हमने तो कुछ किया ही नहीं, अफगान सेना ने हमला किया।”
यानि क्लासिक साउथ एशियन डिप्लोमेसी: “पहले तू, फिर मैं।”
पिछली बार भी डूरंड लाइन पर ऐसे ही बिगड़ी थी बात
डूरंड लाइन — वो बॉर्डर जिसे पाकिस्तान मानता है, अफगानिस्तान नहीं…मतलब दोनों देशों के लिए ये लाइन सरहद से ज्यादा ‘स्पॉट द डिफरेंस’ गेम बन चुकी है।
स्पिन बोलदक व्यापार का मुख्य रास्ता है — और परंपरा अनुसार, व्यापार कम और विवाद ज्यादा होता है।

10 अक्टूबर वाला पेंडिंग हिसाब: तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP)
8-9 अक्टूबर की रात TTP ने KPK में हमला कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के शहरों पर एयर स्ट्राइक, बॉर्डर पोस्ट पर कब्जा, और TTP चीफ नूर वली महसूद को मार गिराने का दावा किया।
अफगानिस्तान बोला — “ये हमारी संप्रभुता पर हमला है।” और फिर दोनों तरफ युद्ध-स्तर की भिड़ंत हुई। 50 से ज्यादा पाक सैनिक मारे गए।
सच कहें तो दोनों देशों के बीच सीजफायर से ज्यादा सीजफायर तोड़ने की घटनाएँ पाई जाती हैं।
सीजफायर, वार्ता और फिर… वही पुरानी कहानी
16–18 अक्टूबर: सीजफायर 19 अक्टूबर: युद्धविराम समझौता फिर तीन दौर की वार्ता और तीनों फेल। 25 नवंबर को पाकिस्तान ने पूर्वी अफगानिस्तान में एयर स्ट्राइक की। इसके तुरंत बाद TTP का पेशावर में हमला — यानी तनाव में आग में घी।
अब क्या?
फिलहाल स्थिति बेहद तनावपूर्ण है। बॉर्डर पर फायरिंग रुकने के कोई संकेत नहीं। स्थानीय लोग सबसे ज्यादा प्रभावित — और सरकारें अपनी-अपनी प्रेस रिलीज़ में सच का नया वर्ज़न पेश कर रही हैं।
Lulu Mall Fake News Exposed: FSDA ने नहीं सील किया Hypermarket
